Swami Ram Ki Kahani | Himalay Ke Santo Ke Sang Niwas Free pdf | मर कर जिंदा होने वाला संत

हृदय की धड़कने रोकने वाला संत Himalay Ke Santo Ke Sang Niwas Book (Swami Ram Ki Kahani)

योग और प्राणायाम को आज पूरी दुनिया सम्मान देती लेकिन पहले ऐसा नहीं था योग के चमत्कारों को मानने के लिए कोई भी आसानी से तैयार नहीं होता था हर कोई खासकर विदेशों में इसके प्रमाण मानता था वैज्ञानिक कसौटियों पर कसते थे प्रयोगशालाओं में योग के चमत्कारों पर परीक्षण करते थे क्योंकि वह वैज्ञानिक सोच के लोग थे और विज्ञान बिना किसी सबूत के कुछ भी नहीं मानता। पढ़िए Swami Ram Ki Kahani Free Pdf

विश्व में और खासकर पश्चिमी देशों में योग की महानता स्थापित करने में बहुत ये योगी संन्यासियों ने अमूल्य योगदान दिया था उन्हीं के पुनीत अद्भुत कर्मों के कारण आज विश्व योग की महिमा जान रहा है ।

योग का परीक्षण (Yoga In laboratory)

विज्ञान ऐसे ही काम करता है तो साठ के दशक में अमेरिका की एक लैब में योग का परीक्षण होना तय हुआ ।
योग को वैज्ञानिक रूप से साबित वी प्रमाणित करने का प्रयोग और इस प्रयोग के लिए अमेरिका गए थे भारत के महान योगाचार्य और तपस्वी स्वामी राम आगे जानिए स्वामी राम की कहानी ।

स्वामी राम पर यूं कहें कि बहुत ज्यादा दबाव था योग को प्रमाणित करने का नहीं तो पश्चिमी देशों में योग की अवधारणा और योग पर विश्वास ही संकट में पड़ जाता पश्चिमी देशों में योग का मजाक बनतावह अलग।

अमरीकी लेब में योग ( Yog In American laboratory)

अमेरिका में स्थित एक लैबोरेट्री जिसे मैंलिंजर फाउंडेशन संचालित करता है उसमें स्वामी राम के योग संबंधी दावों की वैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुसार कई दिनों तक जांच परख की जाती है आधुनिक विज्ञान के साधन स्वामी राम के योग बल्कि शक्तियों के आगे नतमस्तक हो जाते हैं और विज्ञान योग की असंभव शक्तियों को भी पूरे प्रमाण के साथ संभव मान लेता है।

योग द्वारा हृदय गति रोकना ( stop heart beat by Yog)

रेगुलेटरी में किए जा रहे परीक्षण में स्वामी राम ने अपने हृदय की गति को 16 सेकंड के लिए रोक दिया था इस दौरान वह जिंदा भी रहे और सभी से बात भी करते रहे ।

शरीर का तापमान बदलना (control body temperature by Yog)

अपने योग बल से उन्होंने शरीर के अलग-अलग भागों के टेंपरेचर में 11 डिग्री का अंतर पैदा कर दिया था जो मानव शरीर विज्ञान के पैमाने पर असंभव माना जाता है।

अनाहत चक्र की तस्वीर (kundalini chakra capture In camera)

हृदय गति रोकने के परीक्षण उपरांत स्वामी राम ने जो किया वह और असंभव कार्य माना जाता था व इसे कैमरे ने कैद भी किया गया था “चक्र” की शक्ति का प्रदर्शन।

योग के अनुसार हमारे शरीर में षटचक्रों का विधान है ये चक्र नीचे से ऊपर के क्रम में स्थित होते हैं। लेकिन विज्ञान इन चक्रों को कोरी कल्पना ही मानता था स्वामी राम ने यह दावा था कि वह शरीर के हर चक्र का आभा मंडल इतना स्पष्ट रूप से प्रकट करेंगे जिसे कैमरे में रिकॉर्ड किया जा सकता है।

अनाहत चक्र (Anahat chakra)

इसके बाद स्वामी जी ने हृदय स्थल में स्थित चक्र जिसे “अनाहत चक्र” के नाम से जाना जाता है के oura आभामंडल को एक्टिव किया जो सपष्ट रूप से कैमरे में रिकॉर्ड किया गया जो विज्ञान षट्चक्र के सिद्धांत को कल्पना समझता था वह सिद्धांत वैज्ञानिक प्रयोगों पर पूर्णतया सिद्ध माना गया।

भारत भूमि के महान संत (Himalay ke santo ke sath Niwas)

यह भारत भूमि का सौभाग्य है कि स्वामी राम से योगी तपस्वियों ने इस भूमि पर जन्म दिया है और वैज्ञानिक कसौटीयों को पूर्णतया खरे उतरते हुए योग साधना का ध्वज विश्व पटल पर पूर्ण सम्मान के साथ फहराया है।

स्वामी राम का परिचय (Introduction of Swami Ram)

महान योगी स्वामी राम ने बीसवीं शताब्दी में “हिमालयन इंस्टिट्यूट” की स्थापना की थी। स्वामी राम का जन्म गढ़वाल क्षेत्र में हुआ जो हिमालय की तलहटी में स्थित है।

स्वामी राम ने देश और विदेश से आधुनिक ज्ञान विज्ञान की शिक्षा प्राप्त करने के साथ ही गुरु के सानिध्य में हिमालय की गहन गुफाओं में घोर तपस्या की और छोटी सी उम्र में यह “शंकराचार्य” के पद को सुशोभित किया।

यह पुस्तक हिमालय के संतो के संग निवास मेरी अध्यात्मिक विषय की सबसे पसंदीदा पुस्तक है इस ग्रंथ में आप जानेंगे कि स्वामी राम कैसे बड़े हुए। उनकी शिक्षा दीक्षा कहां हुई ।गुरुदेव श्री बंगाली बाबा ने उनके सांसारिक आध्यात्मिक जीवन को कैसे उच्चतम सोपान तक पहुंचाया ।

वह हिमालय में कैसे रहे और हिमालय के अद्भुत संतो जैसे गुदड़ी बाबा, सोमवार बाबा, अघोरी बाबा के संपर्क में आए उनके कृपा पात्र बने और उनके आशीर्वाद से अपनी योग साधना को सिद्धि दिलाई ।योग यात्रा को गंतव्य तक पहुंचाया ।

मेरा पूर्ण विश्वास है आप यह ग्रंथ पढ़कर अपने हृदय को दिव्य संतों के ज्ञान से और अध्यात्म के प्रकाश से उज्जवल पाएंगे।

पुस्तक हिमालय के संतो के संग निवास ( Living With The Himalayan Masters ) आज भी स्वामी जी के साधकों और शिष्यों का मार्गदर्शन कर रही है।

स्वामी राम की प्रसिद्ध पुस्तकें (Book’s Of Swami Ram)

स्वामी जी ने 25 ग्रंथों की रचना की भारत के पुरातन ज्ञान ऋषियों की वाणी को दुनिया के कोने कोने में पहुंचाने वाले स्वामी जी अद्भुत चमत्कारी व्यक्तित्व के धनी थे।

हिमालय के सिद्ध योगी भाग-1
हिमालय के सिद्ध योगी भाग 2
जन्म और मृत्यु का रहस्य कठोपनिषद ( Life Here And Thereafter)
कर्म बंधन से मुक्ति ( Freedom From The Bondage Of Karma)
आनंदमय जीवन का उत्सव (Art Of Joyful Living)
ईशोपनिषद ( Book Of Wisdom)
ध्यान योग (Meditation And It’s Practice)

Swami Ram Ki Kahani
Swami Ram Ki Kahani

महान भारतीय संत (great Indian monk)

यदि आप भी भारतीय साधु-संतों के बारे में नजदीक से जानना चाहते हैं
जैसे वह कैसे रहते हैं
कहां रहना पसंद करते हैं
क्या खाते पीते हैं (२४ घंटे में चम्मच भर चने खाने वाले साधुओं का विवरण है)
उनकी दिनचर्या क्या है ।
योग व ध्यान जैसी विद्याओं का प्रयोग किस प्रकार करते हैं
एक योगी का जीवन कैसा होता है
इन योगियों की उम्र कितनी तक हो सकती है
तो आप इस पुस्तक को अवश्य ही पढ़ने का प्रयास करें जरूर करें।

योग से चमत्कार (miracle of yoga)

योग के चमत्कारों से परिचित होना चाहते हैं तो स्वामी राम के लिखे “हिमालय के संतो के साथ निवास” पुस्तक आपको निराश नहीं करेगी। इसमें स्वामी जी ने अनेकों प्रसंग और घटनाओं के साथ-साथ आध्यात्मिक योग दर्शन की विस्तार से गहन जानकारी सरल शब्दों में साधारण जनों के लिए लिखी है ।
साधु संतों की चमत्कारिक शक्तियों योग बल देसी जड़ी बूटियों का ज्ञान ,तीर्थ स्थल ,योग साधना, तपस्वियों का रहन-सहन खान-पान, हिमालय की गुफा योग बल से शरीर छोड़ने जैसी रोचक बातें स्वामी जी द्वारा बताई गई है।

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पुस्तक में स्वामी जी ने बहुत से रहस्यमई और चमत्कारी साधु संतों का उल्लेख किया है जैसे दिगंबर सन्यासी, भवाल सन्यासी ,नास्तिक सन्यासी आदि ।स्वामी राम ने पुस्तक में अध्यात्म के विभिन्न विभिन्न मार्गों और दर्शन की परंपराओं वेदांत, योग, वैशेषिक मीमांसा, न्याय आदि का समुचित ज्ञान प्रदान किया है ।स्वामी जी महात्मा गांधी, महर्षि रमण ,महर्षि अरविंद के विषय में भी उल्लेख करते हैं

योग बल से मरे हुए व्यक्ति को जीवित कर देना, शरीर त्याग करना ,एक देह से दूसरी देह में आत्मा का प्रवेश करना जैसे साधना के चमत्कारों को पढ़कर आम पाठक रोमांचित हुए बिना नहीं रह पाएगा ।
स्वामी जी गुरु शिष्य परंपरा की महानता और पवित्रता का तेजस्वी वर्णन करते हैं।

स्वामी जी की पुस्तकें आप ऑनलाइन मंगवा सकते हैं या हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया से प्राप्त कर सकते हैं ।
समस्त पुस्तकों के कॉपीराइट हिमालयन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ योगा साइंस एंड स्लो स्पीड यूएसए के अधीन है।

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धन्यवाद।

 

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