इंसान अमर कैसे हो सकता है | Insaan Amar Kaise Ho Sakta Hai in hindi

महामानव इंसान अमर कैसे हो सकता है  How Can a human Be Immortal

Wow Signal in Hindi ( Wow Signal Kya Tha) “सन 1977 में एक वालंटियर के रूप में “बिग ईयर” प्रोजेक्ट से जुड़े डॉ जेरी ऐह्मन (Jerry Ehman) का मुख्य कार्य टेलिस्कोप के आईबीएम 1130 कंप्यूटर द्वारा प्रोसेस किए गए डाटा का अध्ययन करना था और ऐसी विसंगतियों को ढूंढने की कोशिश करना था जो ब्रह्मांड के बैकग्राउंड रेडियो शोर से अलग एक बहुत बुद्धिमान संदेश प्रतीत हो रहा हो।आप पढ़ रहे हैं महामानव पुस्तक Insaan Amar Kaise Ho Sakta Hai in hindi The Immortals Of Earth

 Insaan Amar Kaise Ho Sakta Hai

15 अगस्त 1977 कि सुबह 2:16 पर धनु राशि में मौजूद तीन सितारों के समूह से ची सेजिटरी (chi Sagittarri) की ओर से आए रेडियो सिगनल का ध्यान करते समय जरिए जैरी ने रिकॉर्ड्स में एक गंभीर विरोधाभास पाया ।

रिकॉर्डड डाटा में लगभग 72 सेकंड का समय ऐसा था जिसमें दर्ज रेडियो तरंगों की तीव्रता सामान्य ब्रह्मांड के रेडियो शोर के मुकाबले 30 गुना अधिक थी यह कुछ ऐसा ही था की हिरण की पदचाप की जगह शेर की दहाड़ सुनाई देने लगी हो।

इस रेडियो संदेश के एलियंस का मैसेज होने की संभावना से जेरी रोमांचित हो उठे और उत्साह की अधिकता में उन्होंने उस रेडियो ट्रांसमिशन का प्रिंट आउट निकालकर उस पर “WOW” लिख दिया था जो आगे चलकर यह संभावित एलियन संदेश ही “WOW SIGNAL” के नाम से मशहूर हुआ।जिसका चित्र नीचे दिया का रहा है।

Wow Signal प्राप्त होने की 35 वीं वर्षगांठ 15 अगस्त 2012 को एलियंस से जुड़ी चर्चा के लिए तैयार किए गए टीवी शो “Chasing UFOs” के प्रीमियर के मौके पर नेशनल ज्योग्राफिक और अरिसीबो टेलिस्कोप के वैज्ञानिकों ने WOW SIGNAL भेजने वाले एलियंस को इंसानों का जवाबी पैगाम भेज दिया है।

 Insaan Amar Kaise Ho Sakta Hai

संदेश की दिशा में भेजे गए इस शक्तिशाली रेडियो संदेश में परग्रहियों के लिए किए गए 10,000 से ज्यादा ट्वीट और मशहूर कॉमेडियन स्टीफन कोल बेयर की वीडियो लग्न है ……मान लेते हैं कि वाओ सिग्नल भेजने वाले कोई और नहीं बल्कि एक अति विकसित एलियन बुद्धिमान सभ्यता के निवासी हैं

यह भी हो सकता है कि सैनिटेरियस तारामंडल की ओर भेजा गया हमारा रेडियो संदेश भी कभी न कभी उन तक पहुंच जाए…. अगर हमारा संदेश मिलने के बाद वह लोग भी पृथ्वी वासियों से संपर्क करने का मन बना कर अपना एक स्पेसशिप पृथ्वी की ओर रवाना कर दें तो… क्या होगा …

मानव जाति की क्या प्रतिक्रिया होगी…..
एलियन से बातचीत करने के संबंध में निर्णय कौन लेगा….. एलियंस और मानव संबंधों का राजनीतिक प्रतिनिधि किसे नियुक्त किया जाएगा”
………………………………………………………….

“16 नवंबर 1974 को पृथ्वी से अंतरिक्ष में एक बेहद शक्तिशाली रेडियो संदेश भेजा गया था यह संदेश वास्तव में बायनरी बाइट्स में बनी एक तस्वीर थी जिसमें इंसानों के डीएनए सौरमंडल के नक्शे और ब्रह्मांड से जुड़ी हुई कुछ मूलभूत जानकारियां चित्रित की गई थी यह संदेश हम से 25000 प्रकाश वर्ष दूर m13 तारा समूह को भेजा गया था।

m13 तीन लाख से अधिक तारों की आबादी वाला विशाल सितारा समूह है ब्रह्मांड की सबसे तेज प्रकाश की गति से चलता हुआ यह संदेश अगले 25000 सालों में m13 समूह तक पहुंच जाएगा ।
यदि वहां कोई बुद्धिमान ब्रह्मांड है और वह इस सिग्नल को पकड़ने और समझने की योग्यता रखती है तो वह यह समझ जाएंगे कि ब्रह्मांड में भी अकेले नहीं है ।यदि वे सिग्नल का जवाब भेजने की कोशिश करते हैं तो उनका भेजा हुआ जवाब प्रकाश की गति से अगले 25000 सालों में हम तक पहुंचेगा ।

जवाब भेजने और जवाब पाने के इस चरण को पूरा होने में 50000 सालों का समय लगेगा इस बात की क्या गारंटी है कि आज से 50000 वर्ष बाद उन सिग्नल को रिसीव करने के लिए पृथ्वी पर कोई जीवित बचेगा भी या नहीं”

(महामानव पुस्तक का रोचक अंश)

मानव की अमरता व परग्रही जीवन (alien search ) पर लिखी गई रहस्य रोमांच भरी पुस्तक

Mahamanav Book Review In Hindi (महामानव पुस्तक)

अंतरिक्ष विज्ञान ,कृत्रिम बुदधिमत्ता (artificial intelligence),परग्रही जीवन व मानवता का भविष्य जैसे वैज्ञानिक कॉन्सेप्ट को केंद्र में रखकर महामानव(The Immortals Of Earth) पुस्तक की रचना की गई है।
जिसके लेखक हैं श्री विजय राज शर्मा।

महामानव पुस्तक के लेखक

श्री विजयराज शर्मा दिल्ली में रहते हैं व इंजीनियरिंग और धातुशोधन के कार्य से जुड़े हैं व उद्योग क्षेत्र में काम आने वाली ड्रिलिंग मशीन का उत्पादन का कार्य करते हैं। लेखक विज्ञान विषय से स्नातक होने के चलते खगोल विज्ञान में खास दिलचस्पी रखते हैं।

पूर्व में “बिग बैंग” तथा जैविक विकास के विषय पर “बैचेन बंदर” नाम से लेखक की पहली पुस्तक प्रकाशित हुई थी जिसे वर्ष 2019 में गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा “राजभाषा मौलिक पुस्तक लेखन” पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।
प्रस्तुत “महामानव” लेखक की दूसरी रचना है जिसे हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखा व प्रकाशित किया गया है।

पुस्तक महामानव(The Immortals Of Earth) की प्रस्तावना

“इस पुस्तक में हम इन प्रश्नों का उत्तर तलाश पाएंगे कि ब्रह्मांड में एक महाशक्तिशाली और अमर सभ्यता के तौर पर मानवता का क्या भविष्य है किस तरह हम एंटीमैटर तथा अन्य इन दिनों से संचालित अत्याधुनिक या नो में बैठकर एक दिन अपने लिए नए आशियाने तलाश करने की सफर का आगाज करेंगे वार्प ड्राइव वरम्होल तथा ब्लैक होल को सीडी बनाकर हम प्रकाश से तेज किस प्रकार चल सकेंगे यह पुस्तक सच्चे अर्थों में मानव से महामानव बनने के सफर पर प्रकाश डालती है…..”

“अब यह प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठता है कि आने वाले समय में मानव प्रगति का स्वरूप क्या होगा और उसका हमारे ऊपर क्या प्रभाव पड़ेगा क्या मानव प्रजाति पृथ्वी या फिर हमारे सौरमंडल की कोई समय सीमा है क्या एक समय ऐसा आ सकता है जब हम सभी विलुप्त या नष्ट हो सकते हैं और क्या सभी जीवो में सबसे बुद्धिमान होमोसेपियंस अपने वंश का विनाश बिना किसी संघर्ष के होने देगा यह पुस्तक बखूबी इन प्रश्नों के समुचित उत्तर उपलब्ध करवाती है……”

“मई 2018 में सयुंक्त राष्ट्र महासचिव ने वियना में कहा था कि पाषाण युग इसलिए समाप्त नहीं हुआ था क्योंकि उस युग में पत्थरों की कमी हो गई थीइसी तरह जीवाश्म इंधन कोयला पेट्रोल और डीजल का प्रयोग इसलिए नहीं बंद होगा क्योंकि भूमि के नीचे कोयला और कच्चा तेल खत्म हो गया नए युग का प्रारंभ तब होता है जब नई प्रौद्योगिकियों जन्म लेती है जब सरकारें और अन्य संस्थान मानव के लाभ के लिए व्यवस्था को बदलने हेतु उपलब्ध नई तकनीकी का उपयोग करने की आवश्यकता को समझते हैं…..”
(प्रस्तावना के कुछ अंश)

पुस्तक की प्रस्तावना श्री अमित सिंघल द्वारा लिखी गई है जो संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में राजनीतिक और शांति स्थापना विभाग में एक वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक है।

पुस्तक समीक्षा Book Review Of  Mahamanav

हिंदी में या यूं कहे कि भारत में विज्ञान फेंटेसी,अंतरिक्ष विज्ञान ब्रह्माण्ड के रहस्यों और एलियंस के विषय पर गूढ़ वैज्ञानिक शब्दावली के बजाय सरल व रोचक भाषा में बहुत कम पुस्तकें लिखी गई है ।
प्रस्तुत पुस्तक “Mahamanav” में लेखक ने अति सराहनीय रूप से इन विषयों को साधारण बुद्धि पाठकों के समझ में आने के स्तर तक सरलीकृत रूप से सामने रखा है जिससे विज्ञान और परग्रही जीवन के बारे में न्यूनतम जानकारी रखने वाला व्यक्ति भी अपनी उत्सुकता शांत कर सकता है।

वैज्ञानिक अवधारणाओं को कल्पना का स्पर्श देते हुए लेखन ने इन्हे आसानी से ग्रहण करने लायक बनाकर सामने रखा है।
जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।
पुस्तक में अंतरिक्ष व एलियंस से जुड़ी जटिल वैज्ञानिक व खगोलीय घटनाओं को इतनी रोचक व सहज शब्दावली में पेश किया गया है कि जिन व्यक्तियों का कभी विज्ञान विषय से वास्ता ही नहीं रहा हो वह भी अंत तक पढ़ने के बाद ही रुकेंगे
लेख के प्रारम्भ में दिए गए WOW SIGNAL के उद्दरण से आप भली भांति समझ सकते हैं।

पुस्तक महामानव का तीन मुख्य खंडों में बांटा गया है

खंड 1

परग्रही जीवन( Aliens life in hindi)(Aliens Kya hai)

1.मंगल कथा
2.एलियन और यूएफओ के दावे व पड़ताल
3.अनन्त ब्रह्माण्ड
4.एलियन के महा निर्माण
5.ब्रह्माण्ड के रक्षक

खंड 2

मानवों का भविष्य (insan ka bhavishya)(future Of Human’s in hindi)

1.अमरत्व संधान
2.मशीन में आत्मा
3.अगली पीढ़ी के अंतरिक्ष यान
4.महामानवों की महान यात्रा
5.सभ्यताओं का संहार

खंड 3.

अन्तिम कथन(प्रलय के बाद)(man After The doomsday in hindi)

1.प्रलय के बाद बची मानव सभ्यता व विरासत

पुस्तक महामानव में क्या है

(kya insan amar ho sakta hai) (Ways to become Immortal in Hindi)

मानव स्वभाव से सदैव जिज्ञासु रहा है वह अपने आस पास व सुदूर अंतरिक्ष को जानने के लिए लिए बेचैन रहता है। मानव अपने सौरमंडल,मंगल शनि जैसे ग्रहों और उन सबके अलावा अनंत ब्रह्माण्ड के रहस्य समझने,उसमे घूमने और वहां रहने के स्वप्न देखता रहा है।
ब्रह्मांड के असीमित विशालता की अबूझ पहेलियों से पार पाने के लिए मानव जीवन की अवधि पर्याप्त नहीं है क्योंकि यदि हम प्रकाश की गति से भी चलें तो सिर्फ हमारी आकाशगंगा के एक सिरे से दूसरे सिरे तक जाने के लिए ही लगभग एक लाख वर्ष का समय लगेगा।

इसी तरह सर्वाधिक तीव्र गति से चलकर भी ब्रह्मांड के एक कोने से दूसरे कोने की यात्रा में लगने वाला समय करीब 93 अरब वर्ष होगा ब्रह्मांड की यह अविश्वसनीय विशालता के सामने अभी तक के मानवीय प्रयास व महत्वाकाक्षाएं अव्यवहारिक ही है। पुस्तक में बहुत से सवालों के जवाब पाने का प्रयास किया गया है

असम्भव से संभव की और (How To Be Immortal in hindi)

  • क्या मानव अपनी आयु बढ़ा सकता है उसे असीमित कर सकता है….
  • क्या हम अमर हो सकते हैं….
  • क्या मनुष्य की चेतना को मशीन में या दूसरे स्थान पर ट्रांसफर किया जा सकता है..
  • लाखों प्रकाश वर्ष की दूरी चुटकियों में नापना कैसे संभव हो सकता है….
  • क्या मानव अनंत ब्रह्मांड की गहराइयों में नया ठिकाना बना सकता है….
  • क्या एलियन या परग्रही मौजूद है….
  • यदि मौजूद है तो वे हमें किस प्रकार संपर्क प्रभावित कर सकते हैं….
  • यदि कभी किसी दूसरे ग्रह के निवासी हमारे ग्रह पर पहुंच जाते हैं तो क्या होगा…
  • वाइजर यान में रखी डिस्क में दूसरी दुनिया के लिए क्या संदेश भेजा गया गया है…

ब्रह्मांड के सवाल (Questions Of universe)

वर्तमान में इंसान चांद व मंगल पर बस्तियां बनाने के प्रयासों में जोरशोर से लगा है विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों के साथ साथ एलन मस्क जैसे उद्योगपति अपने अंतरिक्ष अभियानों का रोडमेप तेयार कर चुके हैं। सुदूर अंतरिक्ष से जुड़े हमारे बहुप्रतीक्षित सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद जगने लगी है।

आकार के अनुपात में हमारी पृथ्वी समूचे ब्रह्मांड में रेत के कण जितना भी स्थान नहीं रखती फिर भी इंसान की कल्पना शक्ति,बुद्धि और साहस के सामने तारों की दुनिया भी छोटी पड़ सकती है क्योंकि घूमना और नए नए स्थानों की खोज करना आदिकाल से मानव का मूल स्वभाव रहा है ।

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क्या परग्रही हैं (Do Aliens Axist) kya aliens hai

पुस्तक मनुष्य की अमरता,एलियंस की मोजुदगी, धरती से आगे नए आशियानों की तलाश व अंतरिक्ष के किसी कोने में पनप रही या उच्च विकसित सभ्यताओं की खोज के प्रयासों और संभावनाओं पर रोचक दृष्टिकोण के साथ एक आम पाठक की उत्सुकता शांत करने का गंभीर प्रयास करती है।

महामानव” पुस्तक क्यों पढ़ें Why Read Mahamanav book

  • यदि आपने भी कभी एलियंस के अस्तित्व के बारे में सोचा हो …
  • आप मानते हैं की पृथ्वी से अलावा कोई दूसरी दुनिया मोजूद है…
  • यदि एलियंस हैं तो वह हमसे संपर्क करने के क्या प्रयास कर रहे हैं…
  • एलियंस आने जाने और दूसरी सभ्यताओं से संपर्क करने के लिए किस तरह के माध्यम का उपयोग करते हैं…
  • हमारी पृथ्वी के वैज्ञानिक एलियंस से संपर्क करने के क्या प्रयास कर रहे हैं…

यदि किसी तारे और उसकी टिमटिमाहट को देखकर आप भी सुखद आश्चर्य में डूबते हैं उसकी दूरी का अनुमान लगाते हुए अनगिनत सवालों का सामना कर रहे हों तो यह किताब आपके लिए ही है।

तो आज ही मंगवाएं “महामानव” और खो जाइए अंतरिक्ष की अनंत गहराइयों में,एलियंस और अमरता की खोज में ।
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