Blink book review in Hindi | तुरंत निर्णय लेने की शक्ति

Blink Book Review In Hindi The Power Of Thinking Without Thinking सोचना शुरू करने से पहले ही सोच लेना

बहुत बार पहली नजर पड़ते ही हम सटीक निर्णय पर पहुंच जाते हैं मतलब क्या सही क्या गलत है हमारा दिमाग सोचना शुरू करने से पहले ही हमें बता देता है यह वो स्थिति होती है जब आप बिना कुछ जाने भी बहुत कुछ जान जाते हो हमारे मस्तिष्क की इसी शक्ति के बारे में विस्तार से बात करती है मैलकम ग्लेडवेल की प्रसिद्ध किताब ब्लिंक Blink book review in Hindi

यह Blink Book Review in Hindi किस किसको पढ़ना चाहिए ?

उनको जो बड़े बिजनेस लीडर है या बनना चाहते हैं.
जो बड़े अधिकारी या mnc कंपनी में जॉब कर रहें है.
उनको जो “डिसीजन मेकर” बनकर अपने फील्ड में झंडे गाड़ना चाहते हैं.
जो किसी राजनीतिक या व्यापारिक संगठन में मेंबर या अधिकारी हैं.
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा कोई युवा है.
जो अपने जीवन को आम से खास बनाना चाहते हैं.

यह किताब हर उस इंसान को प्रेरित करेगी जो
अपनी “तुरंत निर्णय लेने की शक्ति” को निखारकर माहिर “डिसीजन मेकर” बनकर असंभव संभावनाओं के द्वार खोल कर जीवन में कुछ बड़ा करना चाहता है।

आप सोचिए की ऐसा कैसे होता है की बहुत सोच विचार कर लिए गए निर्णयों पर हमारे अंतर ज्ञान हमारे अवचेतन मन की हल्की सी आवाज भारी पड़ती है जिस समस्या का हल हमे घंटो माथापच्ची के बावजूद नहीं मिलता उसका हल कई बार पलक झपकते ही मिल जाता है कैसे.

Unconscious Mind अवचेतन मन

अवचेतन मन के सही इस्तेमाल से हम अपने जीवन आसान बना सकते हैं क्योंकि कई बार हमारे “इंस्टिकस” बहुत सारे डेटा,आंकड़े और जानकारों की राय के विपरीत तुरंत सही निर्णय तक पहुंचा देते हैं ।
रोजमर्रा की लाइफ में हमारे “इंस्टिकस” सही फैसले लेने में आश्चर्य जनक रूप से सहायता कर सकते हैं

ब्लिंक ( Blink Book Review in Hindi ) में हमारी तुरंत निर्णय लेने की इसी शक्ति के बारे में है किताब में दी गई एक घटना इसे समझने में सहायक होगी ।

Fake Sculpture of Korus कोरूस की नकली मूर्ति

साल 1983 के सितंबर माह में केलिफोर्निया में स्थित जे. पॉल. गैटी संग्रहालय में बेकीना नामक एक व्यक्ति आया व कहा की उसके पास 6 ठी सदी ईसा पूर्व की संगमरमर से बनी “कोरूस” (पुरातन ग्रीक योद्धा) की नग्न मूर्ति है जो वह म्यूजियम को बेचना चाहता है।
उस समय कोरुस की कुल 200 मूर्तियां मौजूद थी जिनमें से अधिकांश बहुत खराब व खंडित हालत में थी लेकिन यह मूर्ति पूर्णतया सही हालत में थी यह सात फीट ऊंची और हल्की चमक लिए हुए थी जो सच में शानदार प्रतिमा थी।
मूर्ति के मालिक बेकिना ने म्यूजियम से इसके लिए लगभग 10 मिलियन डॉलर की मांग की।

क्या यह मूर्ति सही में छःसौ ईसा पूर्व की है
कहीं नकली या फ्रॉड तो नहीं मूर्ति की प्रमाणिकता की जांच के लिए म्यूजियम ने इसे मालिक से कुछ समय के लिए उधार लिया।
म्यूजियम ने केलिफोर्निया विश्वविद्यालय के भूवैज्ञानिक स्टेनली मार्गोलिस द्वारा 2 दिन तक प्रतिमा का हाई रेजुलेशन माइक्रोस्कोप से मुआयना करवाया ।

आप पढ़ रहें हैं ब्लिंक blink book review in Hindi

स्टेनली ने प्रतिमा से पत्थर का नमूना भी लिया और उसका इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप,इलेक्ट्रॉन माइक्रोप्रोब, एक्स-रे,रसायन आदि आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर बारीकी से विश्लेषण किया और निष्कर्ष निकाला कि यह प्रतिमा सैकड़ों साल पुरानी है किसी जालसाज द्वारा बनाई गई नकली मूर्ति नहीं है।
लगभग दो साल चली जांच के दौरान इसे कई अन्य एक्सपर्ट्स को भी दिखाया जिन्होंने इसे असली घोषित किया।

लेकिन फिर भी इसपर संदेह बरकरार था आखिरकार कुछ इतिहासकारों,यूनानी मूर्ति विज्ञान विशेषज्ञ को बुलाया गया जिन्होंने इसे देखते ही पहली नजर में नकली साबित कर दिया।

आखिर वो कौनसी शक्ति थी जो अत्याधुनिक तकनीक,लेबोरेट्री तथा उपकरणों से सुसज्जित वैज्ञानिकों में नहीं थी लेकिन उन इतिहासकारों के दिमाग में थी जिससे उन्होंने देखते ही प्रतिमा की कमियां पकड़ ली और उसे नकली घोषित कर दिया और म्यूजियम को लाखों डॉलर की ठगी से बचा लिया।

ये था उनका ब्लिंक पलक झपकाने जितने समय में लिया गया सटीक निर्णय मतलब ब्लिंक (blink Book Review in Hindi)यह शक्ति थी उनका सहज ज्ञान,उनका अंतर्बोध उनकी तुरंत निर्णय लेने की शक्ति
सोचना शुरू करने से पहले सोच लेने की शक्ति

क्यों है ना चौंकाने वाली जानकारी

मैलकम ग्लेडवेल की किताब Blink Book Review in Hindi ( ब्लिंक ) हमें मस्तिष्क की उसी शक्ति का प्रयोग करना सीखने वाली है की कैसे एक जोहरी रत्न या जवाहरात को पहली नजर देखते ही पहचान लेता है कि वह असली है या नकली …

अच्छा मनोवैज्ञानिक कुछ ही मिनटों में किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति व उसके भूत भविष्य तक की सटीक अनुमान लगा लेता है।

एक मंझा हुआ पुलिसकर्मी जानता है उसे कब गोली चलानी है,क्राइम सीन देखते ही अपराध कैसे हुआ है समझ जाता है सारा दृश्य उसके दिमाग में घूम जाता है…

यह किताब उस पल या क्षण के बारे में है जिस पल हम बिना कुछ जाने सब कुछ जान लेते हैं…

हमारे दिमाग के उस पहलू के बारे में बताती है जब दिमाग सोचना शुरू करने से पहले ही सोच लेता है अपना निर्णय सुना देता है ।

पुस्तक सारांश ( Blink Book Review in Hindi)

पुस्तक हमें बताती है की दुनिया का सबसे अच्छा फिल्टर है हमारा अवचेतन मन ।

पुस्तक का एक नियम कहता है की आपको उस समय फैसला ले लेना चाहिए जब आप उस विषयवस्तु और घटना से संबंधित कम से कम 40 प्रतिशत जानकारी रखते हों ,आप 70 % जानकारी इक्कठा होने का इंतजार ना करें।
मतलब आप 40% ज्ञान के आधार पर उपयुक्त निर्णय ले सकते हैं है ना कमाल कोरस की मूर्ति से जुड़ा घटनाक्रम इसे साबित करता है।

Thin slicing थिन स्लाईसिंग

लेखक ग्लेड्वेल तेजी से निर्णय लेने, अंतर ज्ञान का उपयोग करते हुए जटिल और तर्कसंगत परिणाम तक पहुंचने के लिए “थिन स्लाईसिंग” तकनीक के बारे में बताते हैं।
किसी व्यापक प्रभाव वाले क्षेत्र से बहुत अल्प (slice) लेकिन विशिष्ट मात्रा में ली गई सामग्री के आधार पर अनुभव और अंतर ज्ञान का उपयोग करते हुए परिणाम की भविष्यवाणी कैसे की जा सकती है ।

एक मनोवैज्ञानिक जॉन गोटमैन जिन्होंने स्वयं वैवाहिक युगलों (पति पत्नी) की कुछेक सेकंड या मिनट की साधारण बातचीत सुनकर उनके वैवाहिक जीवन की सटीक भविष्यवाणी करने में महारत हासिल की है ।कुछेक मिनट की पति पत्नी की बातचीत सुनकर,उनके हावभाव के पैटर्न को देखकर,
जॉन अपने अद्भुत ज्ञान,अनुभव व “थिन स्लाईसिंग” तकनीक द्वारा ये सटीक भविष्यवाणी कर सकते हैं की यह जोड़ा आने वाले 15 साल तक साथ रहेगा या इनमे तलाक हो जाएगा ।

लेखक ग्लेड्वेल बताते हैं की लोगों को यह तेजी से संज्ञान लेने का गुण ( अंतर ज्ञान ) उन्हें कैसे दुनिया दारी से जुड़े कामों में तुरंत सही व सटीक निर्णय लेने में आश्चर्यजनक रूप से मदद करता है।

अध्याय दो में लेखक एक अजीब सी उलझन से परिचय करवाते हैं की किस तरह व्यक्ति तुरंत लेते हैं निर्णय लेने में अच्छे भी होते हैं लेकिन वे खुद के द्वारा लिए गए इन निर्णयों की व्याख्या नहीं कर पाते मतलब इतने सटीक निर्णय इनके द्वारा किस प्रकार ले लिए जाते हैं वह इसके पीछे की शक्ति को explain नहीं कर पाते …यही है मानव मस्तिष्क की अद्भुत क्षमता यही है ” ब्लिंक ”

Blink Book Review
Blink Book Review in Hindi

हम जितना सोचते हैं उससे कहीं जल्दी पलक झपकते (Blink) ही निर्णय ले सकते हैं चाहे उस प्रक्रिया हो हम भले ही समझा ना सकें
एक गोलकीपर सेकेंड के सौ वें हिस्से में विरोधी खिलाड़ी का अगला मूव भांप लेता है कैसे भांप लेता है यह भले ही हमे नहीं समझा पाए लेकिन उसका अनुमान लगभग सही निकलता है। यह पुस्तक हमें अवचेतन अंतर ज्ञान की इसी शक्ति को विस्तार से समझाने का प्रयास करती है।

Mistake of unconscious mind अवचेतन मन की गलती

क्या आप जानते हैं की अवचेतन मन गलत हो सकता है हां बिल्कुल हो सकता है आइए जानते हैं किन परिस्थितियों में अवचेतन मन भी धोखा खा सकता है

लेकिन साथ ही लेखक अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति वारेन हार्डिंग के राजनीतिक केरियर का उदाहरण देकर यह समझाते हैं की कई बार अवचेतन का तुरंत लिया गया संज्ञान गलत भी हो सकता है।
हार्डिंग को अमेरिका के जनता ने इसलिए चुना था की वह राष्ट्रपति जैसे दिखते थे उनका व्यक्तित्व दिखने में इस पद के लिए बिल्कुल परफेक्ट था लेकिन बाद में हार्डिंग की गिनती अमेरिका के सबसे खराब राष्ट्रपतियों में की गई।

व्यक्ति दवाब में ,पूर्वाग्रह ,रूढ़िवादिता के कारण या दबी हुई भावनाओं के प्रभाव में गलत blink भी कर सकता है।
तुरंत व सटीक निर्णय लेने के लिए भावनाओं और पूर्वाग्रहों से छुटकारा पाना जरूरी है ।

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काले गोरे का पूर्वाग्रह

लेखक “काले” और “सफेद” शब्द से जुड़े प्रयोग द्वारा इसे सपष्ट करते हैं की किस तरह लोगों के मन में चमड़ी के “काले” रंग से बुरी व नकारात्मक और “सफेद” रंग से सकारात्मक व सभ्य विशेषताएं जुड़ी होती है ।
जैसे अमेरिका में शासन व प्रशासन में गोरे लोगों का प्रभुत्व है इसलिए अमेरिकन लोग शक्ति,सिस्टम,सकारात्मक गुणों को “काली त्वचा” से जोड़कर देखने में असुविधा का अनुभव करते हैं।

Blink Book Review in Hindi

इसका सबसे बुरा प्रभाव रोजमर्रा की जिंदगी में पड़ता है आम व्यवहार को प्रभावित करता है की किस तरह त्वचा का विशेष रंग,लिंग,ऊंचाई आदि एक मानवीय गुण या विशेष अधिकार के रूप में देखे जाने लगते हैं।

यदि आप भी अवचेतन में गहरे बैठे इन पूर्वाग्रहों से छुटकारा पाना चाहते हैं तो इन दृष्टिकोण को बदलने के उपायों की तलाश करनी होगी ताकि ये पूर्वाग्रह आपके निर्णयों को प्रभावित ना कर सकें।

पुस्तक bilnk Book Review in Hindi ( the power of thinking without Thinking ) हमें बताती है की हम अपने अंतर्बोध को धार देकर उसे निखार कर अपने सोचने विचारने की तरीके को बदल सकते है जिससे हमारे फैसले ज्यादा सटीक और प्रभावी बन सकते है।

Blink Book Review in Hindi ( ब्लिंक ) क्यूं पढ़ें

यदि आपको चीजों को तुरंत समझने में परेशानी होती है।

आप तुरंत निर्णय लेने में खुद को असमर्थ पाते हैं छोटी छोटी चीजों को समझने के लिए जुझना पड़ता है ।

करें या ना करें के लिए घंटो सोचना पड़ता है ।

आपके पेट में हो रहा अजीब सा अहसास आपको किस तरह फैसले लेने में मदद कर सकता है।

तो आपको सबसे पहले यह जानना पड़ेगा की हमारा दिमाग किस प्रकार काम करता है इसके लिए हमें चेतन (conscious) और अवचेतन (unconscious) दोनों तरह के मन द्वारा निर्णय लिए जाने की प्रक्रिया को ध्यान से समझना होगा ।

चेतन मन या कॉन्शियस माइंड
चेतन मन किसी वस्तु या घटना का पूरा विश्लेषण कर उससे होने वाले फायदे नुकसान की गणना के बाद अपना फैसला लेता है इस काम में यह पर्याप्त समय लेता है।

अवचेतन मन (unconscious mind)

तुरंत जैसे की पलक झपकने जितने समय में ही दिमाग अपना फैसला सुना देता है नजर पड़ते ही सोचना प्रारंभ करने से पहले दिमाग उसके बारे में अपने निर्णय तक पहुंच जाता है।

हमारे तरीके से किए गए छोटे छोटे बदलाव हमें चौकानेवाले परिणाम दे सकते हैं

लेखक परिचय melcom gladwell

लेखक परिचय मैलकम ग्लैडवैल का जन्म इंग्लैंड में 1965 में हुआ था इनके पिता अंग्रेज माता जमैकन थी।
इन का पालन पोषण कनाडा में हुआ लेखक टोरेंटो यूनिवर्सिटी से इतिहास में स्नातक हैं और विज्ञान से जुड़े विषयों के जानकार व वाशिंगटन पोस्ट में पत्रकार की हैसियत से काम कर चुके हैं ।
The tipping point” द टिपिंग प्वाइंट लेखक की बेस्टसेलर पुस्तक है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।
प्रस्तुत पुस्तक ” ब्लिंक ” (Blink) की गिनती मैलकम ग्लैडवैल की सबसे सफल पुस्तकों में की जाती है। आप भी अपनी डिसीजन पावर को बढ़ाना चाहते हैं तो एक बार अवश्य पढ़ें यह पुस्तक आपको ऑनलाइन इकोमर्स साइटो से आसानी से उपलब्ध हो जाएगी।

लेख Blink Book Review in Hindi ( ब्लिंक ) को पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद यदि लेख पसंद आया हो तो कमेंट करें व शेयर जरूर करें।

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