योगी कथामृत। Ek yogi Ki Atamkatha By Paramhans Yoganand Ji

योगी कथामृत। Ek yogi Ki Atamkatha By Paramhans Yoganand ji

परमहंस योगानंद जी की जीवनगाथा  आपकी आध्यात्मिक प्यास बुझाएगी और अद्भुत चमत्कारी संत महापुरुषों से परिचय करवाती है।
यह ऐसी अद्भूत पुस्तक है जिसके आप सदा के लिए प्रशंसक हो जाएंगे।

भारतभूमि पर ऐसे ऐसे सन्त हुए हैं जिनके ज्ञान का प्रकाश पूरी दुनिया में फैला है इन संतो ने सनातन ज्ञान और योग का प्रचार प्रसार किया जिनसे पश्चिमी जगत के नर नारी हमारी सभ्यता और संस्कृति से परिचित हुए थे व आज भी लाभान्वित हो रहे हैं।

हजारों साल पूर्व ऋषि मुनियों द्वारा दिए गए अद्भुत ज्ञान की यह गंगा गुरु शिष्य परम्परा से चलती हुई आध्यात्म की नित नई ऊंचाइयों को छू रही है जिससे प्रभावित होकर पश्चिम के भौतिकवादी जगत के लोग भारतीय शास्त्र ज्ञान व योग विद्या की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।

गुरुदेव का परिचय

“गुरुदेव” के रूप से मशहूर परमहंस योगानन्द जी 20 वीं सदी के महान संत थे और गोरखपुर up में एक भद्र बंगाली परिवार में मुकुंदलाल घोष के नाम से जीवनयात्रा शुरू की थी।इनके माता पिता महान क्रिया योगी “लाहिड़ी महाशय” के भक्त थे।
योगानन्द जी लाहिड़ी महाशय के आशीर्वाद से ही धर्म और आध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर हुए थे।

योगी कथामृत। Ek yogi Ki Atamkatha में योगानंद जी द्वारा दिया गया “क्रिया योग” ईश्वर के साक्षात्कार के लिए परम प्रभावी साधन है जिसके द्वारा ईश्वर की खोज व प्राप्ति दोनों की जा सकती है।

योगानंद जी द्वारा योग और ध्यान के मेल से विकसित क्रियायोग आत्मा के परमात्मा में एकाकार होने और परमज्ञान कि प्राप्ति के लिए किया जाने वाला प्रभावी साधना का ही एक परिष्कृत रूप है जिनसे दुनियां में अनगिनत साधकों को साधना पथ पर आगे बढ़ने में लाभ हुआ है।

परमहंस योगानन्द जी

भारत भूमि की ऐसी विभूति रहे हैं जिन्हें लोग आज भी “ईश्वर का अवतार” मानते हैं। 

अपनी आत्मकथा में गुरुदेव भारत के महान दिव्य पुरुषों जैसे लाहिड़ी महाशय,द्विशरीरी संत स्वामी प्रवनानन्द जी,अपने गुरु श्री युक्तेश्वर जी,बाघ स्वामी आदि से अपने सानिध्य और इन महापुरुषों की अलौकिक सिद्धियों से परिचित करवाते हैं।
गुरु योगानन्द जी “महावतार बाबाजी”के बारे में बताते हैं जिनकी आयु 5000 वर्ष बताई जाती है।

योगानन्द जी ने अमर संतों, चकित कर देने वाले उपचारों, भारतीय ज्ञान और योग विज्ञान का मंत्रमुग्ध कर देने वाला विवरण किया है जिससे पाठक अभिभूत हो जाता है।

इस पुस्तक का हर पृष्ठ आपको दिव्य ज्ञान और ईश्वरीय साधना के श्रेष्ठतम रुपों से परिचित करवाएगा।यह आत्मकथा प्रभावशाली रूप से आपको चकित करते हुए आपके मानस और समझ को नए आयाम प्रदान करती है।

इस पुस्तक की गिनती शताब्दी की 100 सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में कई जाती है

जिससे अनगिनत व्यक्तियों के जीवन को नई दिशा मिली है।

प्रशंसक

क्रिकेटर “विराट कोहली” जैसे लोग इसके प्रशंसक हैं व स्वीकार करते हैं कि इसे पढ़ने के बाद उनके जीवन में कई सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की और अग्रसर हुआ हूँ।

योगी कथामृत। Ek Yogi Ki Atmkatha

योगी कथामृत। Ek Yogi Ki Atmkatha

पुस्तक को आज के आध्यात्मिक साहित्य के आकाश में गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त है।

इस पावन पुस्तक का विश्वस्तर पर प्रबुद्धजनों,संस्थाओं और पत्रिकाओं द्वारा समय समय पर सहृदय मुक्तकंठ गुणगान किया गया है जिसमें न्यूयॉर्क टाईम्स, शेफील्ड टेलीग्राफ, न्यूज़वीक,राइडर्स रिव्यू जैसी पत्रिकाएं और नोबेलविजेता थॉमस मैन्न मुख्य हैं जिनके उन्नत विचार पुस्तक के प्रारम्भ में ही दिए गए हैं।

योगी कथामृत का सम्पूर्ण संस्करण “योगदा सोसाइटी ऑफ इंडिया” द्वारा प्राप्त किया जा सकता है या आप अमेजन जैसी साइटों से ऑनलाइन मंगवा सकते हैं।

 

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